October 24, 2017 9:46 am

जनता की सेवा सर्वोपरि : एसडीएम कृतिका

Kritikaएसडीएम नाहन कृतिका कुल्हारी      
लोगों की समस्यओ को निपटाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम आयोजित। 
महामाया बाला सुंदरी मंदिर त्रिकोलपुर को बाला बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्व की तरह पुर्णत क युटरीकृत करने का लक्ष्य : कृतिका
Report: नीलम सुर्या (नाहन)
 नाहन उपमंडल में प्रति माह एक पटवार सर्कल का राजस्व रिकार्ड का निरिक्षण किया जाता है। साथ ही उस क्षेत्र के लोगों की राजस्व कार्य से संबधित शिकायतें व समस्याएं भी निपटाई जाती है। वही प्रत्येक माह लोगों को समसस्याओं को घरद्वार पर सुनने के लिए उपमंडल स्तरीय प्रशासन जनता के द्वार ग्रामीण पंचायतो में आयोजित किये जाते है। महामाया बाला सुंदरी मंदिर त्रिकोलपुर को बाला बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्व की तरह पुर्णत क युटरीकृत करने को प्रपोजल तैयार की है। ये उद्गगार एक साक्षात्कार में आईएएस एसडीएम नाहन कृतिका कुल्कारी ने कहे।
प्रशन : नाहन में एसडीएम के पद पर ज्वाईन करने पर पहला कार्य क्या किया।
उतर : नाहन में बतौर एसडीएम ज्वाईन करने पर सबसे पहले उपमंडल के दुर्गम पटवार सर्कल कोटी धीमान का दौरा किया। वहां पर राजस्व रिकार्ड की जांच पडताल की। साथ ही स्थानीय लोगों की समस्यां सुनी, अधिकतर को मौके पर ही निपटा दिया गया।
प्रशन : एसडीएम के साथ-साथ महामाया बाला सुंदरी मंदिर न्यास त्रिकोलपुर की सहायक आयुक्त भी है, त्रिकोलपुर मंदिर में क्या-क्या गातिविधियां चल रही है।
उतर : महामाया बाला सुंदरी मंदिर त्रिकोलपुर में बाला बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्व की तरह पुर्णत क युटरीकृत करने को प्रपोजल तैयार की है। त्रिलोकपुर में अभी कुछ कार्य मैनुअल हो रही है। जब मंदिर न्यास पुर्णत क युटरीकृत हो जायेगा, तब नाहन कार्यालय से ही त्रिलोकपुर मंदिर ही सभी गातिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
प्रशन : हिमाचल आईएएस कॉडर में नियुक्ति कब हुई, अभी तक किन स्थानों पर सेवाएं दी है।
उतर : मै 2013 बैच की आईएएस हूॅ, आईएएस की परीक्षा उर्तीण करने के बाद हिमाचल कॉडर मिला। प्रदेश में पहली नियुक्तिी एसडीएम हमीरपुर में दिस बर 2015 में हुई।  नव बर 2016 में नाहन में एसडीएम ज्वाईन किया है।
प्रशन : आप भारत के किस राज्य से संबध रखती है।
 उतर : मै राजस्थान के झुनझुनवाला जिला से हूॅ
प्रशन : हमीरपुर और नाहन में कार्य में क्या अंतर लगा।
उतर : हमीरपुर में लोग अपनी मांगों व समस्यां को लेकर सीधे कार्यालय में आते थे। वहां पर लोग एसडीएम कोर्ट में लगाने वाले केसों की पैरवी खुद करते है। यहां पर लोग घरेलु हिंसा के मामलों में भी लोग अधिवक्तों के साथ अपनी केसों की सुनवाई के लिए आते है। जबकि घरेलु हिंसा के मामलों में लोग स्वयं अपनी पैरवी कर सकते है।
प्रशन : चैत्र माह में लगने वाले 15 दिवसीय नवरात्रों के लिए त्रिलोकपुर मंदिर न्यास क्या कर रहा है।
उतर : 28 मार्च से शुरू होने वाले 15 दिवसीय नवरात्र मेले के लिए त्रिलोकपुर मंदिर न्यास द्वारा तैयारियां की जा रही है। ताकि देश विदेश से आने वाले श्रादलुओं को किसी प्रकार की समस्यां उत्पन न हो। सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे सभी लोगों पर नजर रखेगे।
प्रशन :  श्रादलुओं की सुविधा के लिए मंदिर न्यास क्या-क्या कार्य कर रहा है।
उतर : महामाया बाला सुंदरी मंदिर न्यास त्रिलोकपुर द्वारा श्रादलुओं की सुविधा के लिए 40 नये शैचालयों का निर्माण किया जा रहा है। त्रिलोकपुर में मेले में आने वाले श्रादलुओं के वाहनों के लिए पार्किग की व्यवस्था की गई है। त्रिलोकपुर के ग्रामिणों के लिए अलग से मेले के दौरान अलग से रास्ता बनाया जाता है।
प्रशन : मंदिर न्यास क्षेत्र के विकास के लिए क्या कर रहा है।
उतर : मंदिर न्यास द्वारा 3.50 करोड़ से त्रिलोकपुर में वृद्वा आश्रम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जहां पर 80 बुर्जग लोगों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त 2 करोढ़ से त्रिलोकपुर के लिए बाईपास का निर्माण, 40 लाख से पानी का टैंक, छायादार शैड, त्रिलोकपुर पंचायत में स्ट्रीट लाईटे लगाने का कार्य किये जा रहे है।
प्रशन : क्या मंदिर न्यास लोगों की सहायता भी करता है।
उतर : मंदिर न्यास प्रतिवर्ष 100 गरीब बेटियों के विवाह के लिए 21 हजार की सहायता करता है। गरीब लोगों को गंभीर बिमारी पर इस वित्तिय वर्ष में 3 लाख 75 हजार की सहायता दी गई है। नाहन में दिव्यांग बच्चों के आस्था स्पेशल स्कूल को पांच की मदद की गई है। गरीब परिवार के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए भी सहायता दी जाती है।

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