December 11, 2017 6:46 pm

दोस्ती की अनूठी मिसाल है रोहतांग सुरंग,  इंदिरा के सपने को अटल ने लगाए पंख

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके लाहुली मित्र अर्जुन गोपाल :
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके लाहुली मित्र अर्जुन गोपाल : यह तस्वीर हमेशा याद रहेगी

मनाली। विकट परिस्थितियों मैं जान जोखिम मैं डालकर सर्दियों मैं रोहतांग के बर्फीले तूफान का सामना कर रहे लाहुल-स्पीती के लोगों का सपना साकार होने जा रहा है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग सुरंग की खोदाई अब सिर्फ 60 मीटर दूर है। सीमा सडक संगठन (BRO) की देखरेख मैं स्ट्रोबेग एफ्कोन और स्नो माउंटेन इजीनियर कार्पोरेशन (स्मैक) कम्पनी युद्ध स्तर कर रही है। परिस्थितियां ठीक रही तो दो सप्ताह मैं रोहतांग सुरंग के दोनों छोर जोड़ देगा। केन्द्र सरकार ने बीआरओ को रोहतांग सुरंग निर्माण मैं तेजी लाने को खा है। रोहतांग सुरंग को दोस्ती की अटूट मिसाल के रूप में भी देखा जाएगा। इंदिरा गाँधी और लता ठाकुर व वाजपेयी और अर्जुन गोपाल की कृष्ण सुदामा की जैसी दोस्ती की भूमिका कबायली जिला को वर्ष भर जोड़े रखने में अहम रही है। देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी लाहुल स्पीती की विधायक लत्ता ठाकुर के साथ लाहुल आई थी उन्होंने रोहतांग सुरंग निर्माण पर चर्चा की थी। लाहुल के समाजसेवी अर्जुन गोपाल के आग्रह पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने सुरंग के निर्माण के लिए कदम बढाए। जून 2010 मैं यूपीए की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सुरंग के कार्य का शिलान्यास किया।

रक्षा मंत्री निर्मला सीता रमण अक्टूबर मैं मनाली दौरे  के दोरान रोहतांग सुरंग का दौरा करेगी। सुरंग के दोनों छोर समय से पहले जोड़ दिए जाएगे। रोहतांग सुरंग के दोनों छोर जुड़ने का लाहुल वसियीं को बेसब्री से इंतजार है। सुरंग के दोनों छोर जुड़ने से इस साल कहली एंबुलेंस सुविधा का लाभ उठाते हुए सुरंग के आर-पार जा सक़ेगे।

रोहतांग टनल के दोनों छोर जुड़ने पर जश्न मनाएगे लाहली

रोहतांग टनल के दोनो छोर जैसे जैसे जुड़ने को नजदीक आ रहे है वैसे वैसे लाहुलियो का उत्साह बढ़ता जा रहा है। रोहतांग की पहाड़ियों में बन रही सुरंग अब मात्र 60 मीटर के लगभग रह गई है। मनाली की ओर साउथ पोर्टल ओर लाहुल की ओर नार्थ पोर्टल में खुदाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। दो सप्ताह मे सुरंग के दोनों छोर जुड़ने जा रहे है। इस खुशी में लाहुल के नार्थ पोर्टल के साथ लगती कोकसर ग्राम पंचायत सहित सिसु ओर गोंदला पंचायत आयोजन सहित स्वागत समारोह आयोजित करने जा रही है। इन पंचायतों के लोगो सहित हजारो लाहुलियो को उस ऐतिहासिक लम्हे का इंतजार है। ग्राम पंचायत कोकसर की प्रधान अंजू ने बताया कि सुरंग के छोर जुड़ने को लेकर ग्रामीण खासे उत्साहित है।उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक खुशी के मौके पर तीनों पंचायते स्वागत समारोह करेगी और निर्माण करने वालो को सम्मानित करेगी। खंगसर प्रधान छेरिंग डोलमा, सिसु प्रधान सुमन ओर गोंदला की प्रधान संगीता ने बताया कि सुरंग के दोनों छोर जुड़ने को लेकर घाटी में खुशी का माहौल है।

रोहतांग सुरंग को दोस्ती की अटूट मिसाल के रूप में भी देखा जाएगा। इंदिरा गाँधी और लता ठाकुर व वाजपेयी और अर्जुन गोपाल की कृष्ण सुदामा की जैसी दोस्ती की भूमिका कबायली जिला को वर्ष भर जोड़े रखने में अहम रही है। देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी लाहुल स्पीती की विधायक लत्ता ठाकुर के साथ लाहुल आई थी उन्होंने रोहतांग सुरंग निर्माण पर चर्चा की थी। लाहुल के समाजसेवी अर्जुन गोपाल के आग्रह पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने सुरंग के निर्माण के लिए कदम बढाए। जून 2010 मैं यूपीए की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सुरंग के कार्य का शिलान्यास किया।

लाहुल घाटी के बुजुर्गों मैं उत्साह

लाहुल घाटी के बुजुर्ग सोनम फुन्चोक, तशी दावा, नामग्याल, दोरजे अनरूप, और पालजोर का कहना है की रोहतांग सुरंग का निर्माण उनके लिए सपना है। वे अपने सपने को साकार होता देख उत्साहित है।

यह भी जानें

यह सुरंग हिमाचल के रोहतांग पास मैं 13050 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। सुरंग की लंबाई 8.8 किलोमीटर है।  भारत पाकिस्तान के बीच 1999 मैं कारगिल युद के दोरान श्रीनगर-कारगिल-लेह राज मार्ग की जरूरत महसूस की गईं। इससे रोहतांग सुरंग का महत्व रेखांकित हुआ।

बीआरओ रोहतांग सुरंग परियोजना के चीफ इंजीनियर कर्नल चन्द्र राणा ने बताया कि बीआरओ अपनी मंजिल के करीब पहुंच गया है।

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग सुरंग के दोनों छोर की दुरी लगभग 60 मीटर शेष है। परिस्थितियां  ठीक रही तो दो सप्ताह मैं सुरंग के दोनों छोर जुड़ जाएगे। अक्टूबर मैं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन मनाली दौर के दोरान सुरंग का कार्य देखेगी।

कर्नल चंद्रा राणा, रोहतांग सुरंग के चीफ इंजनियर।   

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *