October 24, 2017 9:45 am

नीरू चौली घुमदी मेरा टर्निग प्वाईंट ठाकुर दास राठी

rathi-2ठाकुर दास राठी हिमाचली संगीत का वह नाम है जिसने भाषाई दायरे से बाहर निकलकर नए प्रयोग के साथ न कुल्लवी नाटियों को नई पहचान दिलाई है. आज ठाकुर दास राठी हिमाचली संगीत का सबसे महंगा सितारा है. गीतकार एवं गायकी के अलावा अब ठाकुरदास राठी संगीतकार के रूप में पायले री छन-छन अलबम के माध्यम से हिमाचली संगीत की दुनियां में दस्तक दे रहे हैं. प्रस्तुत है कुल्लू के सरगम स्टुडियों में पायले री छन-छन अलबम की रिकॉर्डिंग के दौरान हुई बातचीत के मुख्य अंश…

आपको लोग अब तक एक सफल गायक के रूप में ही जानते हैं, क्या आपको उम्मीद है कि जितना सफल आप गायन में हुए हैं उतनी ही सफलता संगीतकार कार के रूप में भी प्राप्त होगी?

मेरी बचपन से ही संगीत के प्रति गहरी रूचि रही है. अपने गुरू संगीतकार एसडी कश्यप से संगीत की बारीकियां सीखी है. मुझे यही लगता है कि मां सरस्वती की कृपा और अपने गुरू के आशीर्वाद से मैं जिस तरह गायन में श्रोताओं की पसंद रहा हूं उसी प्रकार मेरे संगीत को भी हिमाचली संगीत के कद्रदान पसंद करेंगे.

rathiआपने हिमाचली संगीत में हमेशा नए प्रयोग किए हैं. पहले जब नाटियों का जमाना था तो आपने मेरी श्री देविए कौखे चौली तू, हिरो वणिया चौले का रैप सौंग, ऐश तू कर जैसे गीतों को बाजार में उतारा. क्या पायले री छन-छन में भी कुछ ऐसे ही प्रयोग किए हैं?

पायले री छन-छन में नए प्रयोग तो नहीं किए हैं. हां इतनी कोशिश जरूर की है कि जो हिमाचली संगीत की पारंपरिक शैली से थोड़ा सा हटके हैं. हिमाचली संगीत में अब पूरी तरह से पाश्चात्य साज़ों का प्रयोग हो रहा है. इन साज़ों के साथ हल्का-फुल्का प्रयोग होना भी चाहिए जो मैंने इस अलबम में अवश्य किया है.

इस अलबम में दो नए गायक मार्केट में उतर रहे हैं क्या आपको नये गायकों के साथ मार्किट में उतरने मे रिस्क महसूस नहीं होता?
रिस्क किसी भी बात का नहीं है. सोनू जसवाल और मनोज राठी दोनों ही गायक गायन में निपुण है.

सुना है कि इस अलबम के गायक सोनू जसवाल और मनोज राठी आपके रिश्तेदार हैं?
ठीक सुना आपने. सोनू मेरा भानजा हैं और मनोज मेरा भतीजा. दोनों ही मेरे म्यूज्किल ग्रुप में वर्षों से जुड़े हैं और समय-समय पर गायन के बारे में परामर्श लेते रहते हैं.

इस अलबम में संगीत देने के बाद क्या आपका संगीतकार के रूप में सफर जारी रहेगा?

हां, अब इसे जारी तो रखना ही होगा. सरगम स्टुडियो के लिए ही मैं अपनी अगली अलबम का संगीत भी स्वयं ही तैयार करूंगा.

संगीत की दुनियां मे आप अपना टर्निंग प्वाईंट क्या मानते हैं?

निश्च्ति तौर पर नीरू चौली घूमदी गीत को मैं अपना टर्निंग प्वाईंट मानता हूं. इस गीत के कारण मुझे हिमाचली संगीत की दुनियां में नई पहचान मिली. हालांकि इस गीत को हिमाचल के लगभग दो दर्जन कलाकारों ने चोरी किया हो लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि मेरी इस मौलिक रचना के कारण जो पहचान व प्रोत्साहन मुझे प्राप्त हुआ वह कोई अन्य गायक अर्जित नहीं कर पाया. आज यह गीत हिमाचल की हर बोली में गाया जा चुका है. रेडियो व शिमला दूरदर्शन पर भी इस गीत प्रसारण लगातार हो रहा है.

आपको अपना कौन सा गीत सबसे अधिक पसंद है?

जिस प्रकार एक मां अपने हर बच्चे से बराबर प्यार करती है ठीक उसी तरह मैं अपने हर गीत पसंद करता हूं. मैं अपने हर गीत को पूरी लग्र और मेहनत के साथ लिखता व गाता हूं.

अपनी भावी योजनाओं के बारे में बताएं?

अभी मेरी सरगम स्टुडियो में एक सोलो अलबम की रिर्कार्डिंग हो रही है. इस अलबम में मैं लीक से थोड़ा अलग हटके काम कर रहा हूं. इस अलबम के साथ ही मैं हिमाचली वीडियो अलबमों की दुनियां मेें भी वापस लौटूंगा.

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