August 17, 2017 5:18 pm

नेगी ने पसीने से सींचा हिमाचल का पर्यटन

चार दशक पहले लिख डाली थी पर्यटन विकास की गाथा
लाखों लोगों की रोजी-रोटी का माध्यम बना एडवेंचर पर्यटन

travel-to-manaliमनाली ( देविन्द्र कंवर)  हिमाचल में पर्यटन कारोबार लाखों लोगों की रोजी-रोटी का माध्यम बना है। प्रदेश आज देश के अग्रणी पर्यटन राच्य में जाना जाता है। प्रदेश के इस मकाम तक पहुंचने के सफर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। कई स्थानीय लोगों के कड़े परिश्रम और दूरदर्शी सोच के वूते हिमाचल आज इस मुकाम पर खड़ा है। मनाली के रुपू नेगी उन चंद लोगों में से एक हैं। जिन्होंने प्रदेश के पर्यटन को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। नेगी ने करीब चार दशक पहले पर्यटन का बीज बोया था। जिसके फल आज हजारों लोग चख रहे हैं। रुपू ने एडवेंचर टूरिच्जम को बढ़ावा देने के लिए चार दशक पहले हिमालयन एडवेंचर ट्रेवल एजेंसी का गठन कर देशी-विदेशी सैलानियों को मनाली से जांस्कर तक ट्रैकिंग करवाई। कुछ साल बाद नेगी ने अपनी ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से कुल्लू में रिवर राफ्टिंग का शुरुआत की। एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेगी ने 1980 के दशक में पर्यटन विभाग से पंजीकरण किया था। नेगी पर्यटन विभाग में ट्रेवल एजेंसी का पंजीकरण करने वाले पहले व्यक्ति थे। रुपू नेगी ने कहा कि उन्होंने चार दशक पहले एडवेंचर पर्यटन शुरु किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके द्वारा शुरू किया गया एडवेंचर पर्यटन आज लाखों लोगों की रोजी-रोटी का साधन बना हुआ है। रुपू नेगी जो कि हिमाचल प्रदेश विंटर गेम्स के अध्यक्ष भी हैं ने कहा कि वे शीघ्र ही प्रधानमंत्री से मिलकर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने का आग्रह करेंगे।

साहसिक खेलों के शौकीन रहे हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एडवेंचर खेलों के शौकीन रहे हैं। जब भी वे मनाली आते थे तो पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग करना नहीं भूलते थे। प्रधानमंत्री ने कई बार पहाड़ों में कदमताल कर ट्रैंकिंग के शोक को पूरा किया। एडवेंचर पर्यटन से जुड़े प्रदेश के पर्यटन व्यवसायियों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री हिमाचल में एडवेंचर पर्यटन को शिखर तक पहुंचाने में बेहतर योगदान देंगे।

कुल्लू-मनाली में एडवेंचर पर्यटन चरम पर है। एडवेंचर पर्यटन हजारों विदेशी सैलानियों के आकर्षण का कारण बना हुआ है। पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, स्कीइंग, ट्रैकिंग और कैंपिंग जैसे एडवेंचर पर्यटन को चलाने के लिए जिला कुल्लू में 1025 ट्रेवल एजेंसी पंजीकृत है। प्रदेश सरकार भी एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा देने का हर संभव प्रयास कर रही है–रतन गौतम, डीटीडीओ कुल्लू

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