October 24, 2017 9:46 am

राजनीति नहीं सेवा करने आई हूं और सेवा ही करूंगी- रोहिणी चौधरी

rohiniबीते वर्ष पंचायतीराज चुनावों में कुल्लू की राजनीति में तब तूफान सा आ गया जब जिला परिषद के पलाहच वार्ड से साधारण सी दिखने वाली गृहणी रोहिणी चौधरी ने धमाकेदार जीत दर्ज तो की ही साथ ही राजनीति की परिभाषा भी बदलकर रख दी। रोहिणी चौधरी को भाजपा ने पलाहच वार्ड से अपना प्रत्याशी बनाकर उतारा था। अच्छे-अच्छों को पटखनी देकर रोहिणी चौधरी जीतकर कुल्लू पहुंची लेकिन वहां क्षेत्रवाद और बड़े नेताओं की आपसी लड़ाई में खुद को अपेक्षित महसूस किया। ऐसी स्थिती में रोहिणी ने भाजपा छोडक़र आजाद प्रत्याशी के तौर पर अध्यक्ष पद की लड़ाई में कूदने का फैसला लिया। 27 जनवरी को कुल्लू ही नहीं पूरे प्रदेश में तब खलबली मच गई जब रोहिणी चौधरी पांच राजनीतिक पार्टियों का गठबंधन करवाकर अध्यक्ष पद की हॉट सीट पर विराजमान हुई। रोहिणी ने पूर्ण बहुमत वाली भाजपा को भी तोड़ा साथ ही कांग्रेस, हिलोपा, सीपीआईएम और आजाद सदस्यों के साथ मिलकर ऐसी विसात बिछाई कि विरोधी खेमा चारों खाने चित हो गया। डटकर मुकाबला करने वाली रोहिणी आज हजारों महिलाओं के लिए रोल मॉडल बनकर उभरी है। हिमाचल न्यूज से रोहिणी चौधरी ने खास बातचीत में कहा कि नेता वह है जो जनता की भाषा समझता हो।

rohini-2हिमाचल न्यूज- कैसा रहा एक वर्ष का कार्यकाल?

रोहिणी- कुछ समय परिस्थितियों को समझने में निकल गया मगर मैं कभी आराम से नहीं बैठी। पूरे सप्ताह रोज 15 घंटे काम करती हूं। गांव-गांव में जाकर लोगों से मिलती हूं। सेवा स्त्री का सबसे बडा धर्म है। पहले परिवार की सेवा करती थी, अब समाज की सेवा कर रही हूं। पहले भी निस्वार्थ भाव से सेवा करती थी, अब भी कर रही हूं। अच्छा लगता जब लोग मेरे काम की तारीफ करते है। खासकर तब जब महिलाएं कहती है कि आप हमारी आर्दश है।

हिमाचल न्यूज – कुल्लू की राजनीति को हिलाकर रख दिया आपने।

रोहिणी- मैंने वही किया जिसके लिए जनता ने मुझे चुनकर भेजा था। पलाहच वार्ड की जनता विकास और राजनीतिक तौर पर हमेशा अपेक्षित रही है। इस बार जनता को पूरा भरोसा था लेकिन कुल्लू पहुंचकर मैंने पाया कि यहां सिर्फ और सिर्फ निजी स्वार्थ की राजनीति हो रही थी। नेता वही है जो जनता की भाषा समझता हो। जनता चाहती थी कि मैं अध्यक्ष बनूं। यही कारण है कि पांच राजनीतिक पार्टियां इक्कठे हो गई और इसका पूरे प्रदेश में एक अच्छा संदेश भी गया। इससे बडी फख्र की बात क्या हो सकती है कि मेरी जीत के बाद कुल्लूू में ‘खुब लड़ी मर्दानी‘ के नारे लगे।

हिमाचल न्यूज- क्या कारण है कि भाजपा अभी भी आपसे दूरी बनाए हुए है?

रोहिणी- जनता नजदीक हो तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दूर कौन है और जनता राजनीति नहीं सेवा करने के लिए चुनकर भेजती है। कुछ लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को मोहरा बनाना चाहते है। ऐसे लोगों को इस घटनाक्रम से अच्छा सबक मिल गया है।

हिमाचल न्यूज – चर्चा है कि आप पर कांग्रेस की नजर है।

रोहिणी- जिन लोगों ने मुझे सर उठाकर चुना है, उनका सर मैं किसी भी हालत में झुकने नही दूंगी। पलाहच की जनता मेरे लिए सर्वोपरि है। पूर्व वन मंत्री खीमीराम शर्मा, सत्य प्रकाश ठाकुर, महेश्वर सिंह जी मेरे आदर्श है। कांग्रेस, हिलोपा, सीपीआईएम और आजाद सदस्यों ने जिस भरोसे से मुझे अध्यक्ष बनाया है, मुझे उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना है। किसी पार्टी में जुडुने के विषय में अभी सोचा ही नहीं।

हिमाचल न्यूज – महिलाओं के लिए क्या संदेश देना चाहोगी आप?

रोहिणी- राजनीति में कदम रखते ही मुझे कुछ लोगों ने कमजोर कहना शुरू कर दिया था। मैंने किसी की परवाह नहीं की। अपने वार्ड में डटकर मुकाबला किया। आठ हजार मत मिले और अढ़ाई हजार मतों से जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के लिए जो हुआ वो सबके सामने है। मेरा यही संदेश है कि जोर-जुल्म के सामने कभी हार मत मानो।

हिमाचल न्यूज – किस क्षेत्र में काम कर रही हैं आप?

रोहिणी- वनों को जलता देख बहुत दु:ख होता है। वनों को बचाने के लिए मुहिम चला रखी है। बड़े स्तर पर पौधारोपण किए जाने की योजना है। महिला उत्थान और दीन-दुखियों के लिए हर समय उपलब्ध रहती हूं। मेरे अध्यक्षा बनने से बिजली परियोजनाओं से प्रभावित-विस्थापित हुए लोगों को उनके हक मिलने की आस जगी है।

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