December 11, 2017 6:50 pm

हर चुनौती का करूंगा डटकर मुकाबला

देश में सबसे उम्रदराज कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सातवीं बार चुनावी ताल ठोक दी है। 84 साल की उम्र में भी वीरभद्र सिंह विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद उत्साहित दिखाई पड़ रहे है। कि इस बार के चुनाव में वीरभद्र सिंह सिंह जहां भाजपा केन्द्रीय नेतृत्व के निशाने पर है वहीं कांग्रेस हाईकमान से भी चुनावी प्रक्रिया में स्वतंत्र तौर पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर दो-दो हाथ कर रहे हैं। यहां पर दिलचस्प बात तो यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल के नेता जहां वीरभद्र सिंह को उनके घर में आकर ही चुनावी ताल ठोक रहे हैं, इससे तो लगता है इस बार वीरभद्र सिंह और नरेन्द्र मोदी के बीच ही मुकाबला देखा जा रहा है, क्योंकि मोदी के बजीर सिर्फ वीरभद्र सिंह को ही निशाना बना रहे हैं। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी इस बात को मान चुका है कि हिमाचल में जब तक वीरभद्र सिंह मैदान में है तब तक भाजपा का रथ आगे नहीं बढ़ सकता है। इस बात का आकलन बीते दिनों भाजपा अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश दौरे के दौरान कर चुके हैं, जिसकी वजह से इस बार भाजपा स्थानीय नेताओं के दम पर चुनाव में लड़कर नरेन्द्र मोदी के नाम पर ही मैदान में उतरने का दम बना चुकी है। बहराल जो भी हो इस बार विधानसभा चुनाव वीरभद्र बनाम नरेन्द्र मोदी के बीच ही रहेगा। हाल ही में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने बयानों में साफ कह दिया था कि मोदी जी मैं डरने वालों में नहीं हूं और मैं किसी भी हद तक मैदान छोडऩे वालों में भी नहीं हूं। मैं हर चुनौती का डटकर मुकाबला करूंगा। हिमाचल न्यूज के समूह संपादक, विमल शर्मा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र से विधानसभा चुनाव व संगठन के अन्य मुद्दों को लेकर बातचीत की। वीरभद्र सिंह ने बड़ी बेबाकी से हर सवाल का जवाब दिया और विधानसभा में कांग्रेस की जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। हिमाचल न्यूज ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत अंश…

जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंत्रीमंडल के सहयोगी प्रदेश में प्रचार के लिए आ रहे है उससे लगता है कि आप का मुकाबला सीधा नरेन्द्र मादी के साथ होगा?
देखिए जिस तरह मेरे ऊपर राजनीतिक द्वेष के मामले दर्ज किए गए जबकि इस सभी मामलों में पहले ही केन्द्रीय जांच एजेंसियों ने क्लीन चिट दे दी थी इसके बाद भी इन मामलों को लेकर कार्रवाई की गई। जबकि यह मामले अदालतों में विचाराधीन है। अब जबकि चुनाव आने वाले है, तो भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसके चलते अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व आरोप-प्रत्यारोप कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। प्रदेश की जनता आज से नहीं सालों से मेरी राजनीतिक छवि को जानती है और वह भ्रमित होने वाली नहीं है।

Virbhadr Singh Himachal CMभाजपा के निशाने पर सिर्फ आप ही है। बावजूद इसके कांग्रेस आलाकमान भी आपको हिमाचल विधानसभा चुनाव में फ्री हैंड देने में देरी कर रहा है।
वीरभद्र सिंह-ऐसा नहीं है कांग्रेस हाईकमान का विधानसभा चुनाव को लेकर साफ स्पष्ट संदेश है कि सभी कांग्रेस के नेता एक साथ चले और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार पुन: लौट कर आए। जहां पर प्रदेश कांग्रेस की बात है तो पार्टी में ऐसी कोई गुटबाजी नहीं है। हर घर के सदस्यों में मतभेद होते हैं लेकिन जब जवाब देने की बारी आती है तो सभी एकजुट होकर इसका सामना करते हैं। विधानसभा चुनाव में सभी को साथ लेकर लड़ा जाएगा। कांग्रेस आलाकमान भी इस बात को बखूबी जानता है कि जीत के लिए कब किस योद्धा को आगे करना पड़ता है। प्रदेश में भाजपा के नेता प्रतिशोध की भावना से काम करते है जो ठीक नहीं है। राजनीतिक लड़ाई को राजनीति से ही लडऩा ठीक है। इसमें किसी को व्यक्तिगत नहीं होना चाहिए।

आप लंबी राजनीतिक पारी खेल चुके है और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में क्या बदलाव देखते है।
पहले राजनीतिक लड़ाई राजनीतिक मुद्दों पर लड़ी जाती थी। कोई भी नेता विपक्ष हो या फिर पार्टी, व्यक्तिगत लांछन लगाने से परहेज करते थे। पार्टी में किसी पद को पाने के लिए लोकतांत्रिक तरीका अपनाया जाता था। आज राजनीतिक माहौल बदल गया है। हर कोई पद पाने की दौड़ में किसी बड़े नेता को सीढ़ी बनाकर पद हासिल कर रहा है। इससे पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था समाप्त हो रही है और पार्टियां कमजोर होने लगी है। जिस पार्टी में लोकतांत्रिक प्रणाली दरूस्त होती है उस पार्टी की जनता में साख बढ़ती है। जहां तक प्रदेश कांग्रेस संगठन की बात है तो इसमें किसी भी पद पर चुने हुए प्रतिनिधि होने चाहिए। जब मैं भी पार्टी का अध्यक्ष बना था तब भी पार्टी में चुनाव हुए।

आपने कहा कांग्रेस पार्टी अपना मूल उददेश्य भूल रही है। इसका क्या मतलब है?
देखिए मैंने पहले भी कहा कि किसी भी पार्टी में अगर लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत नहीं होगी वह पार्टी अक्षम लोगों की बजह से बिखराव की स्थिति में पहुंच जाएगी। अगर चुने हुए नेताओं का आधार नहीं होगा तो वह आम जनता तक कैसे पहुंचेगा।

भाजपा क्यों भावी मुख्यमंत्री के तौर पर किसी भी नेता को प्रोजेक्ट नहीं कर रही है। इसकी क्या वजह हो सकती है?
भारतीय जनता पार्टी में मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। धूमल का पिछला कार्यकाल भी जनता ने देखा है और प्रदेश में विकास को लेकर कुछ नहीं हुआ। धूमल मेरे खिलाफ षडयंत्र ही रचते रहे और उनको मुंह की खानी पड़ी। जहां तक भाजपा के भावी मुख्मयंत्री को प्रोजेक्ट न करने की बात है तो यह इनका पार्टी का अंदरूनी मामला है इस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं।

आप पर जो आरोप लग रहे है और मामले अदालत में चल रहे है फिर विपक्ष इन मुद्दो को क्यों बार-बार उछाल रहा है?
भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा ही नहीं है तभी बार-बार ओच्छी राजनीति का सहारा ले रहे है। मेरे खिलाफ लगे आरोप अदालत में लंबित है और अदालत का जो निर्णय होगा हम स्वीकार करेंगे। अदालत में चल रह मामलों का सार्वजनिक मंचों पर उठाना न्याय प्रक्रिया के खिलाफ है। राजनीतिक द्वेष में भाजपा देशभर में कांग्रेस सरकार के नेताओं के खिलाफ मामले बना रहे हंै जो ठीक नही है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने आप पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार बिना बजट के शिलान्यास व घोषणाएं कर रही है।
शांता जी भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे है। उनको भी पता है कि सरकारी व्यवस्था के तहत बिना बजट के किसी भी तरह का शिलान्यास नहीं किया जाता है। पहले बजट का प्रावधान कर ही विभागीय कार्यवाही होती है। जहां तक घोषणाओं का प्रश्न है तो प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने पिछले चुनावी घोषणा पत्र को अपना नीतिगत दस्तावेज बनाया है और जो भी घोषणाएं की गई उनको पूरा भी किया गया है। प्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका है जब पढ़े लिख बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।

भविष्य में आप हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को किसी स्थिति में देखते है।
किसी भी संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए पदाधिकारियों की तैनाती के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनानी जरूरी है। तभी जाकर संगठन की जड़े गहरी होती है। प्रदेश कांग्रेस में पढ़े लिखे काबिल युवा आगे आ रहे है जो जनता को और अधिक मजबूती के साथ, साथ लेकर चलेंगे। प्रदेश के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो कांग्रेस की नीतियों पर जनता ने विश्वास किया है और आगे भी करेंगे।

हिमाचल में आपके अलावा ऐसा कोई नेता आज तक नहीं उभर पाया जो पूरे प्रदेश में अपने उम्मीदवारों को जीताने का मादा रखता है।
मैंने तो आज तक किसी को रोका नहीं कि वो प्रदेश को अलग अलग जगहों पर जाकर जनता से मिले। मैं यह चाहता हूं कि जो लोग सार्वजनिक जीवन में रहते है उन्हें जनता के बीच जाकर उनका दु:ख सुख सांझा करना चाहिए। उनको उपने ही हल्के तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मैं तो अपने सभी सहयोगियों को कहता हूं कि वो मेरे साथ प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के दौरे पर आए। मैंने कभी भी राजनीति में क्षेत्रवाद को बढ़ावा नहीं दिया। प्रदेश की जनता मेरे लिए एक समान है चाहे वो पहाड़ो में दूरदराज के इलाके हो या फिर प्रदेश के मैदानी इलाकों में रह रही जनता है। मैं सब के बीच जाता हूं और मुझे लोगों से दोगुना प्यार मिलता है। मेरी ताकत मेरी प्रदेश की जनता है। मैं सालभर 365 दिनों में जनता का ही रहता हूं।

आप 6 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और केन्द में भी मंत्री रहे और आप ने विकास के नए आयाम स्थापित किए। अब हिमाचल में आपका क्या सपना है।
मेरा सपना है हिमाचल प्रदेश देश भर में एक ऐसा राज्य बनकर उभरे जहां पर प्रत्येक छोटे से गांव में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, जैसी मूलभूत सुविधा घर द्वार पर मिले। आज प्रदेश में कांग्रेस के प्रयासों से हर पंचायत सड़कों से जुड़ गई है। स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय खोले गए हैं, इतना ही नहीं प्रदेश के पढ़े लिखे बेरोगजगार युवाओं को दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों को स्वार्थ की राजनीति से उपर उठकर प्रदेश के विकास में पूरा सहयोग करना चाहिए। मैं चाहता हूं मेरा आने वाला समय भी समाज की सेवा के लिए व्यतीत हो और प्रदेश एक विकसित राज्य के तौर पर उभरे।

आप युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह का राजनीतिक जीवन को भविष्य में कहा तक आंकते हैं।
विक्रमादित्य सिंह अपनी राजनीतिक जीवन की पारी बखूबी खेल रहे है। उनका राजनीतिक समय और जनता की सेवा करने की लग्न से तो यही लगता है कि वे एक अच्छे राजनीतिज्ञ के तौर पर उभर कर आगे आएंगे। उनकी राजनीतिक क्षमता व इच्छाशक्ति जनता के सामने है। मुझे विश्वास है वह जनता की हर कसौटी पर खरे उतरेंगे।

कांगड़ा में हुई भाजपा की रैली में आप भाजपाा अध्यक्ष अमित शाह के निशानें पर रहें, मोदी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमत्री सीने पर भ्रष्टाचार का तमगा लगा जनता के बीच घूम रहें है?
अमित शाह की कौन सी छवी है सभी जानते है। गुजरात के लोग जानते है कि अमित शाह कितने पाक व साथ हैै। मैं ओच्छी राजनीति में विश्वास नहीं रखता हुं। मैं चांहू तो एक पल में उनके सभी कारनामों को उजागर कर लोगो के सामने ला सकता हुं।

धूमल और उनके परिवार पर लगे आरोपों की जांच में अभी तक कुछ ठोस सबूत निकल कर क्यों नहीं आ रहा।
धूमल और इनके परिवार पर लगे आरोपों की जांच चल रही है। सच क्या है जनता के सामने आएगा। हम किसी के भी खिलाफ व्यक्तिगत प्रतिशोध की भावना में कार्य नहीं करते। अगर हमने इनके खिलाफ प्रतिशोध से कार्य किया होता तो धूमल कहां होते यह तो वह स्वयं बता सकते हैं।

हिमाचल में आपके अलावा ऐसा कोई नेता आज तक नहीं उभर पाया जो पूरे प्रदेश में अपने उम्मीदवारों को जीताने का दम रखता है?
मैने तो आज तक किसी को रोका नहीं कि वो प्रदेश के अलग अलग जगहों पर जाकर जनता से मिलें। मैं यह मानता हूं कि सभी नेता जो लोग सार्वजनिक जीवन में रहते है उन्हें जनता के बीच जाकर उनका सुख दूख साझा करना चाहिए। उनकेा अपने ही हल्के तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मैं तो अपने सहयोंगियों को कहना चाहता हूॅं कि वो मेरे साथ प्रदेश के दूर दराज के क्षेत्रों के दौरे पर आए। मैने कभी भी राजनीति में क्षेत्रवाद केा बढ़ावा नहीं दिया। प्रदेश की जनता मेरे लिए एक सम्मान है। चाहे वो पहाड़ों में दूर दराज के इलाके हो या फिर प्रदेश के मैदानी इलाकों में रह रही जनता हो। मैं सब के बीच जाता हुॅं और मुझे लोगों से दो गुना प्यार मिलता है। मेंरी ताकत मेरे प्रदेश की जनता है। मैं सालभर 365 दिनों में जतता के बीच ही रहता हुं।

हिमाचल में भाजपा के 50+के दावे को आप कहां तक आकते हैं। जबकि भाजपा में मुख्यमत्री व टिकट दावेदार को लेकर अभी भी घामासान चला हुआ है।
हिमाचल में भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल को जनता भलिभंाति जानती है। विकास के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया। जहां तक कांग्रेस सरकार की बात है तो पद्रेश में समान रूप में विकास कार्यों को गति दी गई है। इस बार विधान सभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी और भाजपा के 50+ के सपने मुगेरी लाल के सपने रह जाएगें। मैं हैरान हूॅं कि भाजपा किस आधार पर 50+ का दावा कर रही है। जिस पार्टी में प्रदेश के कोई मुखिया नहीं और दिल्ली के रिर्मोट पर काम हो रहा है तो क्या प्रदेश की जनता मुर्ख हैै।

कांग्रेस पार्टी में इस बार कई पूर्व विधायक व वर्तमान विधायक अपने पूत्रों को टिकट के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे और इसमें आप के पुत्र विक्रमादित्य भी शामिल है। ऐसे में पार्टी पर परिवारबाद के आरोप को कहां तक देखते हैं। संगठन में भी इस बात केा लेकर एतराज जताया जा रहा है?
विधान सभा चुनाव में ऐसे सभी उम्मीदवारों के टिकट की पैरवी की जाएगी, जो अपनी क्षमता से चुनाव में जीतने का दम रखते है। पार्टी युवा नेताओं केा आगे लाएगा। अगर पार्टी केा विधान सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से आना है तो जीतने वाले उम्मीदवारों को टिकट देने से परहेज नहीं होना चाहिए। किसी भी पार्टी में अगर किसी राजनेता के पुत्र अपनी क्षमता से उभर कर पार्टी के शीर्ष तक पहुंचाना है तो उसको दर किनार नहीं किया जा सकता है। जहां तक विक्रमादित्य की बात है तो वे युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर मनोनित होकर पहुंचे हैं और जनता के बीच रहते है। कांग्रेस आला उम्मीदवारों के चयन को लेकर सभी बातों को मध्यनजर रखते हुए चर्चा की जाती है।

भाजपा इस बार जिला कांगड़ा में संघ लगाने की तैयारी में है क्यों साल 2012 में यहीं से कांग्रेस 10 सीटे जीत कर सत्ता में काबिल हुई थी। भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह पिछले चार माह में इतनी बार पहुंचे हैं।
जिला कांगड़ा में हमारी स्थिति बहुत अच्छी है। कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। तभी हमने धर्मशाला को प्रदेश की दूसरी राजधानी का दर्जा दिया है। कांग्रेस सरकार ने कभी उपरी व निचले क्षेत्र में विकास केा लेकर भेदभाव नहीं किय। तभी पिछले चुनावों में जनता इनके खिलाफ रहा। जिला कांगड़ा की जनता इनके बहकावें में अपने वाली नहीं हैं। चाहे यह अमित शाह को छोड़ नरेंद्र मोदी को लाए। हमने काम किया है और आगे भी करेंगे। मैं यहां यह भी कहना चांहूगा कि अगर भाजपा ने अपने कार्यकाल में कांगड़ा का विकास किया हो तो आज अमित शाह या अन्य किसी केंद्रीय नेताओं को लाने की जरूरत नहीं पहुंचती।

कांग्रेस विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट होकर लडऩे के लिए पूरी तरह तैयार है?
कांग्रेस प्रदेश में विधान सभी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। हमने तो चुनाव के तैयारियां पहले से ही तय कर दी है। प्रदेश में विकास कार्यो केा और गति देने के लिए कार्य किए जा रहें है। कांग्रेस पार्टी एक जुट होकर चुनाब में उतरेगी और भाजपा को इस बार मुंह की खानी पड़ेगी। प्रदेश के प्रत्येक विधान सभा हल्के पे लोग कांग्रेस को समर्थन देने की बात कर रहें है। हमारी सरकारहर घर तक विकास कार्यों को लेकर गई है विशेषकर बच्चों की प्राईमरी शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता के प्रावधान कर एक मिसाल कायम की गई है। मैं हिमाचल के विकास के लिए आखिरी सांस तक जुटा रहूंगा। हिमाचल को बेचने वालों के मसूंबे पूरे नहीं होने दूंगा। उम्मीद है हिमाचल की जनता कांग्रेस पार्टी का भरपूर सहयोग करते हुए हमे सत्ता तक पहुंचाएगी।

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