December 11, 2017 6:36 pm

यहां जन्म से मरण तक हर आयोजन में होता है लाल चावल का प्रयोग

यहां जन्म से मरण तक हर आयोजन में होता है लाल चावल का प्रयोग
दुर्गम चौहार घाटी जहां पर आज भी प्राकृतिक रूप से परंपरागत तरीके से लाल चावल उगाया जाता है. आज के युग में केमीकल खेती ने जहां खाद्य पदार्थों की गुणवता पर सवालिया चिन्ह लगा...
Read more

यहां दुल्हन को भगाकर ले जाता है दूल्हा

यहां दुल्हन को भगाकर ले जाता है दूल्हा
सराजघाटी में आज भी दूल्हे द्वारा अपनी दुल्हन को भगाकर ले जाने वाली शादी की अनोखी रस्म को निभाया जाता है. इस अनोखी रस्म को निभाने के लिए युवक-युवतियों को किसी खास समारोह क...
Read more

जगती पट्ट में सजी बड़ा छमाहूं की अदालत

जगती पट्ट में सजी बड़ा छमाहूं की अदालत
सराज घाटी के अधिष्ठाता देवता देवश्री बड़ा छमाहूं मंगलवार को अपनी परिक्रमा के दौरान लाव-लश्कर के साथ ऐतिहासिक नग्गर स्थित जगती पट्ट पर पहुंचे यहां पर देवश्री बड़ा छमाहूं क...
Read more

ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा

ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा
कुल्लू जिला की प्राचीन व ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरे के बादल मंडराने लगे और कई प्राचीन मंदिर व कोठियां लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई हैं. राजतंत्र के समय से कुल्लू जिला को...
Read more

देव समागम कुल्लू दशहरा

देव समागम कुल्लू दशहरा
हिमाचल प्रदेश आज रफतार से प्रगति की ओर अग्रसर है। प्रगति के इस सफर में प्रदेश ने अपनी समृद्ध संस्कृति सभ्यता की अनमोल धरोहर को बखूबी से संजोये रखा है, जिसका उदाहरण हमें प...
Read more