August 17, 2017 5:22 pm

Private संस्थानों हेतु Interview

इंटरव्यू में जाने से पहले शेव निश्चित तौर पर कर लेनी चाहिए तथा सर्दी या गरमी के अनुसार शेव लोशन या कोल्ड क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। बालों में शैंपू करना चाहिए तथा ऐसे प्रसाधन का प्रयोग करना चाहिए कि बालों में चिकनाहट न हो।
आपके नाखून कटे होने चाहिए ताकि उनमें गंदगी या खाद्यसामग्री न भरने पाए। लड़कियां या महिलाएं यदि लंम्बे नाखून रखती हों तो उन्हें अच्छी तरह से साफ कर लें। हल्के रंग की नेलपालिश का प्रयोग कर सकती हैं।

साक्षात्कार कक्ष : इंटरव्यू हालद्ध में प्रवेश से पूर्व पान, पानमसाला, चूइंगम, सिगरेट या इलायची आदि का प्रयोग न करें. यह भी सुनिश्चित कर लें कि आप के मुंह से किसी प्रकार की गंध तो नहीं आ रही है।यदि आप पूर्व से सांस की बदबू से परेशान हैं तो इसके लिए आवश्यक माउथ फेरशनर का प्रयोग कर इंटरव्यू देने जाएं।
आजकल अनेक कम्पनियां रिक्रूटमेंट में लगने वाला समय बचाने के लिए या प्रारंभिक तौर पर अच्छे कैंडीडेट्स की जांच के लिए वाक्.इन इंटरव्यू लेना पसन्द करती हैं। सेल्स, मार्केटिंग व काल सेंटर्स जैसी नौकरियों के लिए तो प्रायः इसी तरह से कैंडीडेट रखे जाते हैं। ज्यादातर इंटरव्यू सुबह 10 से 5 बजे तक की अवधि में आयोजित होते हैं। प्रारम्भिक धंटे इंटरव्यू के लिए उपयुक्त रहते हैं। वाक्.इन इंटरव्यू में निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से एक घंटा पहले ही पहुंच जाना चाहिए। अवसर निचले स्तर के पदों के लिए वाक-इन इंटरव्यू का सहारा लिया जाता है। इन पदों का वेतन भी प्रायः पहले से ही तय होता है। उत्कृष्ट कम्युनिकेशन स्किल्स और सौम्य व्यवहार अत्यावश्यक पात्रता है।

वेतन की बात सबसे अंत में की जाती है। इस मामले में उतावलापन ठीक नहीं होगा। आपको अपनी मार्केट वैल्यू मालूम होनी चाहिए। आप जो काम कर रहे हैं उसके लिए अन्य कम्पनियों में कितना वेतन दिया जाता है, इसकी जानकारी रखिए। इंटरव्यू में एम्पलॉयर को यकीन दिलाइए कि आप उसके लिए कितने काम के साबित हो सकते हैं। अपनी मौजूदा आय की जानकारी पहले से न दें। वेतन सम्बन्धी बातें तब तक न बताएं जब तक आपको जॉब ऑफर न किया जाए या आपसे पूछा न जाए। अपने बायोडाटा में सेलरी कॉलम में यदि कुछ लिखना ही पड़े तो ‘निगोशिएबिल’ लिखिए, ताकि अन्तिम समय में मोल भाव की गुंजायश बनी रहे। यदि कम्पनी अपनी ओर से वेतन फिक्स कर दें तब देखिए कि अन्य भत्तों की मद में किस तरह से वृद्धि करवाई जा सकती है। वेतन तय करने का मामला पेचीदा होता है। इसमें धैर्य से काम लेना चाहिए, साथ ही यह भी ध्यान रखिए कि वेतन से भी ज्यादा जरूरी होता है जॉब प्रोफाइल व जॉब सेटिस्फेक्शन।

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